1205 आइटम्स पर GST तय: रोजमर्रा से जुड़ी चीजों पर कितना होगा असर?

श्रीनगर/नई दिल्ली. गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (GST) से जुड़ा सबसे बड़ा एलान गुरुवार को हो गया। श्रीनगर में चल रही जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में आइटम्स के टैक्स रेट तय कर दिए गए। 1205 आइटम्स की लिस्ट पर सरकार का दावा है कि ज्यादातर सामान या तो सस्ते होंगे या उनकी कीमत जस की तस बनी रहेगी। हेयर ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट सस्ते हो जाएंगे। कोयला सस्ता होने से बिजली दरें घट सकती हैं। Q&A में समझिए पूरा मामला…
क्या है GST, कब से लागू होगा?
– GST का मतलब गुड्स एंड सर्विसेस टैक्‍स है। आसान शब्‍दों में कहें ताे GST पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक जैसा बाजार बनाएगा।
– संसद इसका बिल पास कर चुकी है। 10 राज्य स्टेट GST पास कर चुके हैं। 1 जुलाई से GST देशभर में लागू होना है।
इसे क्यों लाया गया?
– 17 साल की कवायद के बाद GST इसलिए लाया गया कि अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती है। GST लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे। GST को केंद्र और राज्‍यों के 17 से ज्‍यादा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के बदले में लागू किया जा रहा है।
– इससे एक्‍साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी), स्टेट के सेल्स टैक्स यानी वैट, एंट्री टैक्स, लॉटरी टैक्स, स्टैंप ड्यूटी, टेलिकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या सेल्स और गुड्स के ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएंगे।
इससे फायदा किसे होने वाला है?
कंज्यूमर:
टैक्स पर टैक्स के हालात खत्म होने से कंज्यूमर को फायदा होगा। अभी सामान पर कुल मिलाकर 31% तक टैक्स लगता है। यह कम हुआ तो इम्प्लॉयमेंट बढ़ेगी।
ट्रेडर: सिर्फ एक टैक्स से बिजनेस आसान होगा। टैक्स प्रॉसेस भी ट्रांसपैरेंट होगी। देश एक मार्केट बन जाएगा। कारोबारियों को पहले चुकाए टैक्स का इनपुट क्रेडिट मिलेगा।
सरकार: टैक्स बेस बढ़ने से केंद्र और राज्यों का रेवेन्यू बढ़ेगा। सरकार के लिए इस पर नजर रखना भी आसान होगा। साथ ही, टैक्स की चोरी भी कम होगी।
इकोनॉमी: दाम कम होने से भारत में बने प्रोडक्ट दूसरे देशों में कॉम्पीटिटिव होंगे। इसका फायदा एक्सपोर्ट में मिलेगा। इन्वेस्टमेंट का माहौल बेहतर होने से एफडीआई आएगा। सरकार का अनुमान है कि जीएसटी लागू होने के बाद जीडीपी ग्रोथ रेट 1.5 से 2% तक बढ़ जाएगी।
गुरुवार​ को क्या हुआ?
– GST काउंसिल की श्रीनगर में मीटिंग हुई। GST काउंसिल यानी वह ग्रुप जिसमें सभी राज्यों के फाइनेंस मिनिस्टर्स शामिल हैं। इस काउंसिल ने GST से जुड़े टैक्स रेट तय कर दिए। 1205 आइटम्स की रेट लिस्ट तय हुई।

GST

सबसे पहले जानें आपकी रोजमर्रा से जुड़ी चीजों पर क्या असर होगा?
a) अनाज:
गेहूं-चावल जैसी चीजें 1 जुलाई से GST लागू होने के बाद सस्ती हो जाएंगी। अभी कुछ राज्य गेहूं और चावल पर वैट लगाते हैं।
b) दूध: दूध-दही पहले की तरह टैक्स के दायरे से बाहर रहेंगे। लेकिन मिठाई पर 5% टैक्स लगेगा।
c) हेयर ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट: ये भी सस्ते होंगे। इन पर सिर्फ 18% टैक्स लगेगा। यह अब तक एक्साइज और वैट मिलाकर इन पर 22% से 24% टैक्स लगता था। यानी ये चीजें 4 से 6% तक सस्ती हो सकती हैं।
d) लाइफ सेविंग मेडिसिन, चीनी, चाय, कॉफी (इंस्टेंट नहीं) और एडिबल ऑयल: इन पर 5% टैक्स रेट लागू होगा। इन पर मौजूदा रेट भी इसी के आसपास है।
e) पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस: इन्हें GST से बाहर रखा गया है। बदलाव इन पर लागू नहीं होंगे।
कार खरीदने की प्लानिंग पर कितना असर पड़ेगा?
– कारों पर 28% टैक्स रेट लागू होगा। इसके अलावा सेस भी लगेगा। अभी छोटी कारों पर 12.5% एक्साइज टैक्स और 14.5% तक वैट लगता है। इस तरह टोटल टैक्स 27% हो जाता है। GST लागू होने के बाद छोटी कारों पर 28% टैक्स और उसके ऊपर 1 से 3% का सेस लगेगा। इससे छोटी कारों पर कुल टैक्स 29% से लेकर 31% के बीच हो जाएगा। यानी ये महंगी हो सकती हैं।
– अभी 1500CC से ज्यादा कैपिसिटी के इंजन वाली कारों पर 41.5% से 44.5% टैक्स लगता है। GST लागू होने के बाद इन कारों पर (28% टैक्स + 15% सेस) 43% के करीब टैक्स लगेगा। ये कारें सस्ती हो सकती हैं।
– एसी, फ्रिज भी 28% टैक्स दायरे में रखे गए हैं।
सेहत को नुकसान वाली चीजों पर क्या ज्यादा टैक्स है?
– बिल्कुल। पान मसाला, गुटखा, सिगरेट और तंबाकू पर पड़ेगा। इसके तहत पाना मसाला पर 60% सेस तो तंबाकू पर 71-204% तक लेवी लगेगी।
– खैनी, जर्दा पर 160% तक सेस लगाने का प्रपोजल है। प्रति हजार सिगार पर 21% या 4,170 में से जो ज्यादा हो, उतना लेवी लिया जाएगा।
क्या बिजली सस्ती होगी?
– कोयले पर टैक्स रेट 11.69% से घटाकर 5% किया गया है। इससे कोयले से बिजली बनाना सस्ता होगा। लोगों के लिए भी रेट घट सकते हैं।
– जीएसटी कानून में कहा गया है कि कंपनियों को कॉस्ट में बचत का फायदा कस्टमर्स को देना होगा। हालांकि, बिजली कितनी सस्ती होगी, यह कहना अभी मुश्किल है, क्योंकि कोयले और बिजली पर कई जगह टैक्स लगते हैं।
– स्टील इंडस्ट्री में भी कोयले का इस्तेमाल होता है। उसका खर्च भी कम होगा। इससे स्टील प्रोडक्ट भी सस्ते होने की उम्मीद है।
किन देशों में GST लागू हुआ तो GDP गिरी?
– ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, मलेशिया और सिंगापुर ने 1991 से 2000 के बीच जीएसटी लागू किया। 1994 में जब सिंगापुर ने जीएसटी लागू किया तो उस साल जीडीपी में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। आईएमएफ के मुताबिक जीएसटी लागू होने से पहले सिंगापुर की जीडीपी 5.5% थी, जबकि जीएसटी लागू करने के बाद यह नेगेटिव में चली गई और -3% तक लुढ़क गई।

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